Dhangar Samaj Gotra List (Hindi + English • Verified) 🐑

Dhangar Samaj भारत के प्राचीन और ऐतिहासिक समुदायों में से एक है।
यह समाज अपनी पहचान केवल पेशे या क्षेत्र से नहीं, बल्कि मुख्य रूप से
गोत्र (Gotra) के माध्यम से करता है।
गोत्र Dhangar समाज में वंश, कुल, पूर्वज, पारिवारिक शाखा और सामाजिक संरचना का
सबसे महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।

परंपरागत रूप से Dhangar समाज में गोत्र की जानकारी
पीढ़ी दर पीढ़ी मौखिक परंपरा के माध्यम से आगे बढ़ती रही है।
आज भी समाज के अधिकांश परिवार अपने गोत्र को
विवाह, धार्मिक संस्कार, सामाजिक निर्णय और पारिवारिक पहचान
के लिए अत्यंत आवश्यक मानते हैं।

इस पेज पर हमने Dhangar Samaj के प्रचलित, पारंपरिक और समाज में स्वीकृत Gotra
को Hindi + English दोनों भाषाओं में सूचीबद्ध किया है,
ताकि यह जानकारी देश–विदेश में रहने वाले हर Dhangar परिवार के लिए उपयोगी बन सके।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह Gotra सूची विभिन्न क्षेत्रों, परिवारों और सामाजिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी
के आधार पर तैयार की गई है।
हम भविष्य में Maharashtra, Karnataka, Telangana, Madhya Pradesh,
Rajasthan, Gujarat और अन्य राज्यों के लिए
State-wise Dhangar Gotra List भी प्रकाशित करेंगे।
यदि आपका गोत्र इस सूची में शामिल नहीं है,
तो आप Google Form के माध्यम से जानकारी भेज सकते हैं।

📜 Dhangar Samaj में Gotra का महत्व

Dhangar समाज में गोत्र केवल एक नाम या उपनाम नहीं होता।
यह हमारे वंश (Vansh), कुल (Kul), पूर्वजों की पहचान और पारिवारिक इतिहास
को दर्शाता है।
हर गोत्र किसी न किसी पूर्वज, मूल स्थान,
या प्राचीन सामाजिक शाखा से जुड़ा हुआ होता है।

समाज में गोत्र का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग विवाह (Marriage) के समय किया जाता है।
एक ही गोत्र में विवाह न करने की परंपरा इसलिए बनाई गई,
ताकि वंशावली संतुलित, स्वस्थ और सामाजिक रूप से स्वीकृत बनी रहे।
इसी कारण गोत्र को परिवार के कुल-वृक्ष (Family Tree) का आधार माना जाता है।

गोत्र के माध्यम से यह भी जाना जाता है कि:

  • हमारा परिवार किस पूर्वज या वंश से जुड़ा है
  • हम किस कुल या उपशाखा से संबंधित हैं
  • हमारे पूर्वज किस क्षेत्र या परंपरा से आए
  • किन गोत्रों में आपसी विवाह निषेध है

इसलिए गोत्र Dhangar समाज की
इतिहास, संस्कृति और सामूहिक पहचान
का मजबूत स्तंभ है।

No. Gotra (Hindi) Gotra (English)
1 ऐनवार Ainwar
2 आलदार Aaldar
3 आवले Aawale
4 बदगुजर Badgujar
5 बनिया Baniya
6 भैंस Bhains
7 बुटे Bute
8 चौहान Chauhan
9 चंदेल Chandel
10 चंद्रावत Chandrawat
11 चावड़ा / चावला Chawda / Chawla
12 चूडावत Chudawat
13 ढाभी Dhabi
14 डगडे Dagade
15 दहिया Dahiya
16 देवकटे Devkate
17 देओरा Deora
18 ढाकर Dhakar
19 ढेहका Dhekaha
20 दीक्षित Dikshit
21 गहलोत Gahalot
22 गहलोत Gahlot
23 गहरवार Gaharwar
24 गौड़ Gaud
25 गौतम Gautama
26 गोहिल Gohil
27 हाके Hake
28 हलनावर Halnawar
29 हरिने Harine
30 जंकर Jankar
31 कछवाहे Kachawahe
32 कछवा Kachwa
33 कडंबा Kadamba
34 काले Kale
35 करिथ Karith
36 कटारिया Katariya
37 कौशल Kaushal
38 केसरी Kesari
39 खारत Kharat
40 खटल Khatal
41 कोकरे Kokare
42 कोलेकर Kolekar
43 कुलाल Kulal
44 लवटे Lavate
45 लेंगरे Lengre
46 लोकरे Lokare
47 मकवाना Makwana
48 मारकड Markad
49 मसल Masal
50 मौर्य Maurya
51 नागवंश Nagvansha
52 निखुंबिया Nikhumbiya
53 परिहार Parihar
54 परमार Parmar
55 प्रमार Pramar
56 पुंडीर Pundir
57 रायकर Raikwar
58 राठौड़ Rathod
59 सारक Sarak
60 सरगर Sargar
61 सेंगर Sengar
62 शिंदे Shinde
63 शिंगाडे Shingade
64 सिकरवार Sikarwar
65 शिंधव Shindhav
66 सिसोदिया Sisodiya
67 सोलंकर Solankar
68 सोलंकी Solankhi
69 स्वर Swar
70 टकाले Takale
71 तंवर Tawar
72 थेंगल Thengal
73 थोंबरे Thombre
74 थोरात Thorat
75 तोमर Tomar
76 वढेल Vadhel
77 वाला / वाला Vala / Wala
78 वाघेला / बघेला / वाघेला Waghela / Baghela / Vaghela
79 वाक्से Wakse
80 यादव Yadav
81 येडगे Yedage
82 झाला Jhala

📖 Dhangar Samaj Gotra aur Bhavishya

आज के समय में जब लोग शहरों और विदेशों में बस रहे हैं,
तब अपनी जड़ों और पहचान को समझना और भी आवश्यक हो गया है।
गोत्र हमें हमारे पूर्वजों से जोड़ता है और
समाज के साथ हमारे संबंध को मजबूत करता है।

हमारी कोशिश है कि Dhangar समाज के हर परिवार का गोत्र
सही, प्रमाणित और सम्मानजनक रूप में दर्ज हो,
ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपने इतिहास और पहचान को गर्व के साथ आगे बढ़ा सकें।

Disclaimer:
गोत्र संबंधी जानकारी क्षेत्र, परंपरा और परिवार के अनुसार
थोड़ी अलग हो सकती है।
इस सूची को समाज से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर
समय–समय पर अपडेट किया जाएगा।

Leave a Comment